Tuesday, June 21, 2022

कुछ मीठा हो जाये

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बूंदी
खीर
बर्फी
घेवर
चूरमा
रबड़ी
रेबड़ी
फीणी
जलेबी
आम रस
कलाकंद
रसगुल्ला
रसमलाई
नानखटाई
मावा बर्फी
पूरण पोली
मगज पाक
मोहन भोग
मोहन थाल
खजूर पाक
मीठी लस्सी
गोल पापड़ी
बेसन लड्डू
शक्कर पारा
मक्खन बड़ा
काजू कतली
सोहन हलवा
दूध का शर्बत
गुलाब जामुन
गोंद के लडडू
नारियल बर्फी
तिलगुड़ लडडू
आगरा का पेठा
गाजर का हलवा
50 तरह के पेडे
50 तरह की गज़क
20 तरह का हलवा
20 तरह के श्रीखंड


इनके अतिरिक्त पूरे देश में बनने वाले सौ से भी अधिक प्रकार के स्थानीय मिष्टान्न......

और ऐसे में-

'कुछ मीठा हो जाये' ---के नाम पर केवल "चाॅकलेट"...

इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती है।
तो प्रत्येक पर्व त्योहार पर खाइए और खिलाइए स्वादिष्ट देशी मिठाइयाँ....और स्वाद संस्कृति को दीजिये समृद्धि सन्तुष्टि उत्कर्ष।

🤔🤔

Sunday, July 4, 2021

इस्लाम में जातिवाद

इस्लाम में जातिवाद” के कुछ कड़वे तथ्य आपके सामने ….
१. जबसे इस्लाम मज़हब बना है तभी से “शिया और सुन्नी” मुस्लिम एक दूसरे की जान के दुश्मन हैं, यह लोग आपस में लड़ते-मरते रहते हैं …!!
२. अहमदिया, सलफमानी, शेख, क़ाज़ी, मुहम्मदिया, पठान आदि मुस्लिमों की जातियां हैं, और हंसी की बात, यह एक ही अल्लाह को मानने वाले, एक ही मस्जिद में नमाज़ नहीं पढते!!! सभी जातियों के लिए अलग अलग मस्जिदें होती हैं .!!
३. सउदी अरब, अरब अमीरात, ओमान, कतर आदि अन्य अरब राष्ट्रों के मुस्लिम पाकिस्तान, भारत और बंगलादेशी मुस्लिमों को फर्जी मुसलमान मानते हें और इनसे छुआछूत मानते हैं । सउदी अरब मे ऑफिसो मे भारत और पाक के मुसलमानों के लिए अलग पानी रखा रखता है |
४. शेख अपने आपको सबसे उपर मानते हैं और वे किसी अन्य जाति में निकाह नहीं करते.
५. इंडोनेशिया में १०० वर्षों पूर्व अनेकों बौद्ध और हिंदू परिवर्तित होकर मुस्लिम बने थे, इसी कारण से
सभी इस्लामिक राष्ट्र, इंडोनेशिया से घृणा की भावना रखते हैं..
६. क़ाज़ी मुस्लिम, ”भारतीय मुस्लिमों” को मुस्लिम ही नहीं मानते… क्यूंकि उन का मानना है के यह सब भी हिंदूधर्म से परिवर्तित हैं !!!
७. अफ्रीका महाद्वीप के सभी इस्लामिक राष्ट्र जैसे मोरोक्को, मिस्र, अल्जीरिया, निजेर,लीबिया आदि राष्ट्रों के मुस्लिमों को तुर्की के मुस्लिम सबसे निम्न मानते हैं ।
८. सोमालिया जैसे गरीब इस्लामिक राष्ट्रों में अपने बुजुर्गों को ”जीवित” समुद्र में बहाने की प्रथा चल रही है!!!
९. भारत के ही बोहरा मुस्लिम किसी भी मस्जिद में नहीं जाते, वो मात्र मज़ारों पे जाते हैं… उनका विश्वास सूफियों पे है… अल्लाह पे नहीं !!
१०. मुसलमान दो मुखय सामाजिक विभाग मानते हैं-
१. अशरफ अथवा शरु और २. अज़लफ

अशरफ से तात्पर्य है ‘कुलीन’ और शेष अन्य मुसलमान जिनमें व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के मुसलमान शामिल हैं, उन्हें अज़लफ अर्थात् नीच अथवा निकृष्ट व्यक्ति माना जाता है। उन्हें कमीना अथवा इतर कमीन या रासिल, जो रिजाल का भ्रष्ट रूप है, ‘बेकार’ कहा जाता है।

कुछ स्थानों पर एक तीसरा वर्ग ‘अरज़ल’ भी है, जिसमें आने वाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं।


उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा- जुलेगा नहीं और न उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक कब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है।
१. ‘अशरफ’ अथवा उच्च वर्ग के मुसलमान (प) सैयद, (पप) शेख, (पपप) पठान, (पअ) मुगल, (अ) मलिक और (अप) मिर्ज़ा।
२. ‘अज़लफ’ अथवा निम्न वर्ग के मुसलमान……
(A) खेती करने वाले शेख और अन्य वे लोग जोमूलतः हिन्दू थे, किन्तु किसी बुद्धिजीवी वर्ग से सम्बन्धित नहीं हैं और जिन्हें अशरफ समुदाय, अर्थात् पिराली और ठकराई आदि में प्रवेश नहीं मिला है।
(B) दर्जी, जुलाहा, फकीर और रंगरेज।
(C) बाढ़ी, भटियारा, चिक, चूड़ीहार, दाई,धावा, धुनिया, गड्डी, कलाल, कसाई, कुला, कुंजरा,लहेरी, माहीफरोश, मल्लाह, नालिया, निकारी।
(D) अब्दाल, बाको, बेडिया, भाट, चंबा, डफाली, धोबी, हज्जाम, मुचो, नगारची, नट, पनवाड़िया, मदारिया, तुन्तिया।
३. ‘अरजल’ अथवा निकृष्ट वर्ग भानार, हलालखोदर,हिजड़ा , कसंबी, लालबेगी, मोगता, मेहतर।

अल्लाह एक, एक कुरान, एक …. नबी ! और महान एकता……… बतलाते हैं स्वंय में ?


जबकि, मुसलमानों के बीच, शिया और सुन्नी सभी मुस्लिम देशों में एक दूसरे को मार रहे हैं .
और, अधिकांश मुस्लिम देशों में…. इन दो संप्रदायों के बीच हमेशा धार्मिक दंगा होता रहता है..!


इतना ही नहीं… शिया को.., सुन्नी मस्जिद में जाना मना है .
इन दोनों को.. अहमदिया मस्जिद में नहीं जाना है.
और, ये तीनों…… सूफी मस्जिद में कभी नहीं जाएँगे.
फिर, इन चारों का मुजाहिद्दीन मस्जिद में प्रवेश वर्जित है..!
किसी बोहरा मस्जिद मे कोई दूसरा मुस्लिम नहीं जा सकता .
कोई बोहरा का किसी दूसरे के मस्जिद मे जाना वर्जित है ..
आगा खानी या चेलिया मुस्लिम का अपना अलग मस्जिद होता है .
सबसे ज्यादा मुस्लिम किसी दूसरे देश मे नही बल्कि मुस्लिम देशो मे ही मारे गए है ..
आज भी सीरिया मे करीब हर रोज एक हज़ार मुस्लिम हर रोज मारे जा रहे है।

अपने आपको इस्लाम जगत का हीरों बताने वाला सद्दाम हुसैन ने करीब एक लाख कुर्द मुसलमानों को रासायनिक बम से मार डाला था …
पाकिस्तान मे हर महीने शिया और सुन्नी के बीच दंगे भड़कते है ।
और इसी प्रकार से मुस्लिमों में भी 13 तरह के मुस्लिम हैं, जो एक दुसरे के खून के प्यासे रहते हैं और आपस में बमबारी और मार-काट वगैरह… मचाते रहते हैं.

Monday, March 2, 2020

background of Ramon Magsaysay Award !?

Do you know the background of Ramon Magsaysay Award?

The award is named after Ramon Magsaysay, who was the president of Philippines from 1953 to his death in 1957. Ramon Magsaysay was described as an “America’s boy” by CIA, a person who was groomed by the CIA to protect the interests of the United States of America in Asia.

Magsaysay was important for the CIA in its long-term plans in the country. CIA’s plan was very detailed and robust, which included even losing an election to build up a clean image of Magsaysay. They persuaded him to ensure that the Senate election in 1951 was clean and fair, which had resulted in Magsaysay’s party losing all nine seats. But it was a huge PR move for him, as he was now seen as the cleanest leader in a country known for electoral malpractices by ruling parties. He was hailed as the man of the year, a national hero by media, and declared the next President by Time magazine which carried him on its cover, all thanks to American efforts.

President Magsaysay died in a plane crash in 1957, and the Ramon Magsaysay Award was established in his memory. It may be noted that the award was constituted by New York-based Rockefeller Brothers Fund. In 2000, Ramon Magsaysay Emergent Leadership Award was established by Ford Foundation, another American organisation. Both these organisations are known for working for American interests in foreign countries, and have a history of closely working with the CIA. In fact, the Ford Foundation is alleged to be a philanthropic facade of the Central Intelligence Agency.

The Magsaysay award, which is celebrated by left-liberals, has a direct link with the CIA and the United States America.
 
Some Indians who received Ramon Magsaysay Award

1. Mother Theresa 1962
2. Arvind Kejriwal 2006
3. Sonam Wangchuk 2018
4. Ravish Kumar 2019


When anyone get this award, rest assure he/she is now CIA asset and hi/her grooming started

Saturday, June 24, 2017